जीवन की घड़ियां वृथा न खो....... किसी विद्वान ने बहुत ही सुंदर तरीके से इस बात को मनुष्य को समझाने की कोशिश की है परंतु हम मनुष्य हैं कि इस बात को समझते ही नहीं । भगवान ने यह जन्म हमें ऐसे ही नहीं दिया कि इसको भौतिकतावादी बनकर गवां दें परंतु इसके पीछे बहुत बड़ा कारण रहा होगा , इसके पीछे उनकी असीम कृपा रही होगी कि हमें मनुष्य जन्म दिया । परंतु बड़े दुख की बात है हम भूल गए कि हम मनुष्य हैं और हमने अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान ही नहीं दिया । हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है उसको ही नहीं जाना । संसार में आए, थोड़े बड़े हुए, पढ़ाई में लग गए । पढ़ाई भी हो गई तो नौकरी में लग गए और जैसे ही परिवार की जिम्मेवारी हम पर आई हम लग गए पैसा कमाने में । किसको कितना दिया ? किसकी कितनी सहायता करी ? इस बात की तरफ तो कभी ध्यान ही नहीं दिया । किसी ओर की तो छोड़ो हमने अपनी तरफ भी ध्यान नहीं दिया । क्योंकि ध्यान दिया होता तो अपने स्वास्थ्य के बारे में सबसे पहले सोचते परंतु बड़ी अजीब स्थिति हमारे सामने है ; हम सभी चीजों को समय देते हैं - गाड़ी खरीदनी है तो गाड़ी के बारे में ...
Grest things to follow
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