Weathering storm in Ersama
जिस आदमी के पास स्वास्थ्य नहीं समझो उसके पास कुछ नहीं; जिसके पास अच्छा स्वास्थ्य है वही अमीर है।
तो आइए जाने अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए हमें क्या करना होगा?
इसे पाने के लिए सबसे पहले तो हमें प्रकृति की ओर लौटना होगा। अपनी स्वयं की प्रकृति को समझना होगा। निम्नलिखित बातों से समझने का प्रयास करते हैं :-
शाकाहार:- हर प्राणी का शरीर प्रकृति के हिसाब से बनाया गया है जिस एनवायरमेंट में वो रहता है उसी के हिसाब से उसकी दिनचर्या भी होती है मनुष्य की दिनचर्या एक शाकाहारी प्राणी की तरह है परंतु वह इसका बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहा । जैसा कि मनुष्य के दांत , गाय के दांत एक जैसे ही है कहने का तात्पर्य है कि उनका ढांचा एक जैसा है आगे के दांत थोड़े चपटे होते हैं इसका मतलब यह शाकाहारी चीजों को खाने के लिए बने हैं ; दूसरी ओर मांसाहारी प्राणियों के दांत पैने और नुकीले होते हैं ताकि वह मांस की चीर फाड़ कर सकें।
भोजन में सही मात्रा में फाइबर का उपयोग:-मनुष्य को भोजन में सही मात्रा में फल और सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए । प्राचीन समय की अगर हम बात करें तो उस समय लगभग सभी कंदमूल खाते थे और लंबे समय तक जीवित रहते थे । परंतु अगर आज की हम बात करें तो ज्यादातर लोग फास्ट फूड खाते हैं , ज्यादा मिर्च-मसालों का सेवन करते हैं जो कई बीमारियों का कारण बनती है सबसे बड़ा उदाहरण तो है एसिडिटी । सभी छोटे-बड़े इससे कभी न कभी जूझ रहे होते हैं क्योंकि जंक फूड , फास्ट फूड हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम के हिसाब से बना ही नहीं । तो हमें फल, सब्जियां और सलाद का प्रयोग ज्यादा बढ़ाना है तथा चाय , कॉफी , फास्ट फूड आदि को घटाना है ।
मानव शरीर की सर्विस :- हम सभी के पास गाड़ियां होती है , बाइक होती है या घर में बहुत सी मशीन होती हैं और हम देखते हैं कि समय-समय पर उनकी सर्विस होती हैं । कोई भी मशीनरी हो उसको बीच-बीच में सर्विस की जरूरत पड़ती है और एक निश्चित अवधि पर पड़ती है । परंतु हम अपने शरीर को एक मशीन की तरह मानते ही नहीं और इसीलिए सोचते हैं कि इसको सर्विस की कोई जरूरत नहीं । जबकि शरीर भी एक मशीन की तरह काम करता है और इसको भी सर्विस की जरूरत है । अब उसकी सर्विस कैसे की जाएगी…? तो इसकी सर्विस करने के लिए सबसे सरल और सबसे सस्ता उपाय है - उपवास। लेकिन ऐसे उपवास नहीं करना जैसे कि आजकल लोग करते हैं । उपवास है परन्तु उसमें भी चाय पी रहे हैं और उसमें फास्ट फूड (जो व्रत के नाम पर बना हुआ खाना होता है ) वह खा रहे हैं । अगर इस तरह से उपवास करना है तो ना ही करो। उपवास करने का मतलब है कि उस दिन शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए कुछ ऐसा लिक्विड लो जो शरीर के सारी गंदगी बाहर निकाल दे। अब उसके लिए नींबू-पानी ले सकते हैं , नींबू-पानी-शहद ले सकते हैं । यानी कि पानी पर रहना है और ध्यान रखिए शेक पर नहीं जाना । पूरा दिन व्रत रख सकते हैं शरीर की बेहतर सर्विस करने के लिए।
उचित दिनचर्या :- अब खान-पान तो सब सही हो गया लेकिन अगर दिनचर्या सही नहीं रही तो उसका कोई लाभ नहीं । अगर हम सही दिनचर्या नहीं अपनाएंगे तो स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा । अर्थात हमें सुबह जल्दी उठना है, रात को जल्दी सोना है , सही पोश्चर में रहने की आदत डालनी है , समय- समय पर खाना है , दिन में सिर्फ तीन बार खाना है और बीच में स्नैक्स के नाम पर कुछ नहीं। परन्तु पानी कम से कम 7-8 गिलास तो अवश्य पीएं ।
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